जैसा बोएगा वैसा पायेगा

जैसा बोएगा वैसा पायेगा ,बुरी सोच से बुरा नज़र आएगा.
अच्छी सोच से अच्छा मिल जायेगा
अच्छा सोचने वालो , अच्छा करने वालों
की बातों को समझने की बजाये उनको बुरा बताएगा .
पीठ पीछे जाकर अपनी ज़ुबान से , जैसा बोलेगा तू वैसा पायेगा.
पड़ना लिखना ज़रूरी है मान है इसमें ,
अक्ल से काम लिया शान है इसमें ,
पड़ लिख कर भी बुराई अपनाये, इसका तू पौधा लगाये
फिर यह अपनी मौजूदगी तो दिखायेगा ,कोई तुझे समझाने
के लिए नज़र आएगा. फिर भी न समझा तो कौन तुझे समझाएगा ,
जैसा बोए गा तू वैसा पायेगा .